30 दिन का मुफ़्त ट्रायलप्रवेश और छात्र रिकॉर्ड
स्कूलों के लिए बने प्रवेश CRM से हर सीट भरें
फ़ोन पर आई पहली पूछताछ से लेकर पक्के प्रवेश नंबर तक — हर लीड, फ़ॉलो-अप, आवेदन, टेस्ट स्कोर और ऑफ़र एक जगह, ताकि प्रवेश के मौसम में कोई भी अभिभावक छूट न जाए।
- क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत नहीं
- डेटा भारत में सुरक्षित
- ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण शामिल
- 12 follow-ups due today, assigned to counsellors
- Entrance test slots booked for Class 1
- Merit list published with 18 on wait-list
प्रवेश का मौसम रजिस्टरों और स्प्रेडशीट में क्यों बिखर जाता है
ज़्यादातर स्कूल आज भी प्रवेश का काम फ्रंट डेस्क के आगंतुक रजिस्टर, काउंसलर के निजी फ़ोन और तीन लोगों द्वारा बदली जाने वाली Excel शीट से चलाते हैं। यह फ़रवरी तक चलता है। फिर पूछताछ इतनी तेज़ी से आती है कि कोई वापस कॉल नहीं कर पाता, एक ही अभिभावक को दो लोग फ़ोन करते हैं, भाई-बहन का फ़ॉर्म ग़लत कक्षा में चला जाता है, और कोई प्रिंसिपल को नहीं बता पाता कि कक्षा 1 में असल में कितनी सीटें बची हैं।
SSMS प्रवेश उस मौसम को एक ऐसी पाइपलाइन में बदल देता है जो साफ़ दिखती है। हर पूछताछ — वेबसाइट, सीधे आए अभिभावक, फ़ोन कॉल या किसी अभियान से — एक लीड बनती है, जिसका स्रोत, चरण और ज़िम्मेदार व्यक्ति तय होता है। काउंसलर निजी नोट्स के बजाय साझा बोर्ड से काम करते हैं, और हर कॉल, WhatsApp, SMS और मुलाक़ात लीड की टाइमलाइन पर दर्ज होती है, ताकि अगला व्यक्ति ठीक-ठीक जाने कि बात कहाँ तक पहुँची है।
पूछताछ से छात्र रिकॉर्ड तक एक ही प्रवाह
SSMS में प्रवेश की यात्रा वैसी ही है जैसे स्कूल असल में काम करता है: पूछताछ → लीड → काउंसलिंग → आवेदन → दस्तावेज़ → टेस्ट / इंटरव्यू → मेरिट सूची → ऑफ़र → फ़ीस → प्रवेश। हर चरण की अपनी स्क्रीन वाली एक स्थिति है, और हर बदलाव दर्ज होता है। प्रवेश पक्का होते ही छात्र रिकॉर्ड, सत्र का नामांकन और आपकी नंबर सीरीज़ से प्रवेश नंबर एक ही क़दम में बन जाते हैं — फ़ॉर्म को दूसरे सिस्टम में दोबारा टाइप नहीं करना पड़ता।
चूँकि फ़ीस भी इसी प्लेटफ़ॉर्म पर चलती है, प्रवेश फ़ीस ऑफ़र के सामने ली जाती है और बच्चे के प्रवेश लेते ही सही फ़ीस ढाँचा लागू हो जाता है। अगर बच्चे की कक्षा, स्ट्रीम और प्रवेश श्रेणी से कोई प्रकाशित फ़ीस ढाँचा मेल नहीं खाता, तो SSMS प्रवेश सेव होने से पहले ही चेतावनी देता है, ताकि बिना फ़ीस लगे प्रवेश न हो जाए।
प्रवेश और पूछताछ CRM क्या करता है
01हर माध्यम से पूछताछ
आपकी वेबसाइट पर सार्वजनिक पूछताछ फ़ॉर्म, फ्रंट डेस्क पर सीधे आए अभिभावक और फ़ोन पूछताछ — सब एक ही सूची में आते हैं। हर एक के साथ उसका स्रोत और अभियान दर्ज होता है, ताकि आख़िरकार पता चले कि कक्षा 6 के ज़्यादा अभिभावक अख़बार के विज्ञापन से आए या Facebook अभियान से।
02काउंसलर असाइनमेंट और फ़ॉलो-अप
लीड हाथ से सौंपें, काउंसलर समूह में बारी-बारी से, या नियम से — कक्षा, स्रोत या क्षेत्र के आधार पर। आज के फ़ॉलो-अप हर काउंसलर की सूची में दिखते हैं, और लीड दूसरे को देने पर उसका पूरा इतिहास साथ रहता है।
03कानबन लीड बोर्ड और टाइमलाइन
हर लीड को उसके चरण के हिसाब से ड्रैग वाले बोर्ड पर देखें। लीड खोलकर उसकी पूरी टाइमलाइन पढ़ें — कॉल, नोट्स, WhatsApp, SMS, ईमेल और कैंपस विज़िट — तारीख़ के क्रम में, अगला काम हाइलाइट के साथ।
04ऑनलाइन आवेदन फ़ॉर्म
फ़ॉर्म बिल्डर से अपने स्कूल की ज़रूरत का आवेदन फ़ॉर्म बनाएँ: फ़ील्ड, दस्तावेज़ अपलोड, शर्त वाले प्रश्न। अभिभावक इसे अपने फ़ोन से स्कूल के ब्रांड वाले पेज पर भरते हैं, और आप स्क्रीन पर ही दस्तावेज़ जाँचते और सत्यापित करते हैं।
05पात्रता, टेस्ट और इंटरव्यू
हर प्रवेश चक्र के लिए पात्रता तय करें — कट-ऑफ़ तारीख़ पर आयु, पिछली कक्षा या बोर्ड, न्यूनतम अंक, ज़रूरी दस्तावेज़। प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के स्लॉट तय करें, अंक दर्ज करें, और परिणाम SSMS निकाले।
06मेरिट सूची, सीटें और प्रतीक्षा सूची
हर कक्षा और श्रेणी की उपलब्ध सीटों के सामने मेरिट सूची प्रकाशित करें, ऐसी प्रतीक्षा सूची रखें जो ऑफ़र रद्द होने पर अपने-आप आगे बढ़े, और भरने वाली फ़ीस के साथ ऑफ़र जारी करें।
07प्रवेश श्रेणियाँ और कोटा
सामान्य, मैनेजमेंट, स्टाफ़ के बच्चे, RTE मुफ़्त सीटें, खेल कोटा — हर स्कूल की अपनी सूची। श्रेणी से तय होता है कि कौन-सा फ़ीस ढाँचा लागू होगा, और यह हर रिपोर्ट में दिखती है।
08फ़नल और काउंसलर डैशबोर्ड
स्रोत के अनुसार पूछताछ, हर चरण पर रूपांतरण, हर कक्षा में भरी सीटें और काउंसलर का प्रदर्शन — प्रिंसिपल और प्रबंधन के लिए लाइव, बिना किसी के रिपोर्ट बनाए।
यह कैसे काम करता है
अभिभावक की पहली कॉल से प्रवेश नंबर तक, एक ही सिस्टम में
एक अभिभावक कक्षा 1 के बारे में फ़ोन करते हैं। फ्रंट ऑफ़िस एक मिनट से कम में पूछताछ दर्ज करता है; यह आपके नियम से एक काउंसलर को मिलती है और उनकी फ़ॉलो-अप सूची में आ जाती है। वे WhatsApp पर ऑनलाइन आवेदन का लिंक भेजती हैं, अभिभावक फ़ोन से दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करते हैं, टेस्ट का स्लॉट बुक होता है, अंक दर्ज होते हैं, और बच्चा मेरिट सूची में आ जाता है। ऑफ़र फ़ीस भरते ही छात्र रिकॉर्ड और प्रवेश नंबर अपने-आप बन जाते हैं।
- फ़ोन नंबर और नाम पर दोहराव की जाँच
- हर रिकॉर्ड पर लीड स्कोर और चरण
- बोर्ड, सत्र और कक्षा के अनुसार प्रवेश चक्र
- आवेदन और पूछताछ की नंबर सीरीज़
- आपके अपने टेम्पलेट पर ऑफ़र लेटर
- विश्लेषण के लिए छोड़ने / वापस लेने के कारण
- 12 follow-ups due today, assigned to counsellors
- Entrance test slots booked for Class 1
- Merit list published with 18 on wait-list
आपके स्कूल के लिए क्या बदलता है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उपलब्ध है
प्रवेश और छात्र रिकॉर्ड
छात्र सूचना प्रणाली
हर बच्चे का एक स्थायी रिकॉर्ड: प्रवेश, परिवार और भाई-बहन, दस्तावेज़, स्वास्थ्य, स्थानांतरण, TC, पुनः प्रवेश और प्रमोशन — मौजूदा छात्रों के Excel इम्पोर्ट के साथ।
और जानेंछात्र उपस्थिति और छुट्टी
फ़ोन या वेब पर दैनिक, दिन में दो बार या पीरियड-वार उपस्थिति, RFID और बायोमेट्रिक पंच, अभिभावकों को तुरंत सूचना, छुट्टी के आवेदन और ऑडिट वाले सुधारों के साथ दिन बंद करना।
और जानेंUDISE+, APAAR और CBSE रिटर्न
हर छात्र के लिए जाँचें कि UDISE+, APAAR और CBSE को क्या चाहिए, APAAR सहमति दर्ज करें, और पोर्टलों के लिए Excel फ़ाइलें बनाएँ — छूटे डेटा की Issues शीट के साथ।
और जानेंप्रवेश और पूछताछ CRM को अपने स्कूल के डेटा पर काम करते देखें
हर मॉड्यूल चालू करके मुफ़्त ट्रायल शुरू करें, या अपने बोर्ड, फ़ीस ढाँचे और कक्षाओं के हिसाब से लाइव डेमो बुक करें।
कार्ड की ज़रूरत नहीं · ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण शामिल · डेटा भारत में