30 दिन का मुफ़्त ट्रायलखरीद गाइड
एक प्लेटफ़ॉर्म या ऐप्स का ढेर?
फ़ीस ऐप, वेतन टूल, परिवहन ट्रैकर और मैसेजिंग ऐप — हर एक अकेले में बढ़िया दिख सकता है। देखिए जब उन्हें साथ काम करना पड़ता है तो क्या होता है।
- क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत नहीं
- डेटा भारत में सुरक्षित
- ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण शामिल
- Branch-wise fee collection compared
- Common fee heads, school-wise amounts
- Student transfer between branches with history
अलग-अलग ऐप का आकर्षण
ख़ास काम वाले ऐप अक्सर चमकदार दिखते हैं और जल्दी शुरू हो जाते हैं: इस हफ़्ते मैसेजिंग ऐप, अगले सत्र फ़ीस ऐप, बसों के लिए GPS ट्रैकर। हर एक कोई दिखने वाली समस्या हल करता है।
छिपी लागत: उनके बीच के फ़ासले
हर ऐप छात्रों और स्टाफ़ की अपनी अलग सूची रखता है। एक में हुआ प्रवेश फ़ीस ऐप तक नहीं पहुँचता; परिवहन ऐप में रूट बदलने से परिवहन फ़ीस नहीं बदलती; बायोमेट्रिक सॉफ़्टवेयर की स्टाफ़ उपस्थिति वेतन तक नहीं पहुँचती। ऑफ़िस ख़ुद जोड़ने वाली कड़ी बन जाता है, डेटा दोबारा टाइप करता है और ऐसे जोड़ मिलाता है जो कभी पूरी तरह मेल नहीं खाते। अभिभावकों के पास तीन ऐप और तीन लॉगिन हो जाते हैं। और जब कुछ गड़बड़ होती है, हर वेंडर दूसरे पर उँगली उठाता है।
एक प्लेटफ़ॉर्म से क्या मिलता है
SSMS जैसे ऑल-इन-वन ERP में CRM में प्रवेश पाया छात्र तुरंत उपस्थिति, फ़ीस और पैरेंट पोर्टल में होता है; रूट बदलने पर परिवहन फ़ीस आनुपातिक रूप से बदल जाती है; स्टाफ़ उपस्थिति वेतन में जाती है; फ़ीस रसीदें बहियों में पोस्ट होती हैं। हर अभिभावक का एक लॉगिन, एक सहायता नंबर, एक बिल।
ईमानदार समझौता: एक प्लेटफ़ॉर्म को कई चीज़ों में अच्छा होना पड़ता है। इसीलिए SSMS मॉड्यूलर है — आप सिर्फ़ ज़रूरी मॉड्यूल चालू करते हैं, और हर मॉड्यूल किसी अलग प्रोडक्ट जितनी गंभीरता से बना है।
अलग ऐप बनाम SSMS
अपने जैसे स्कूल में SSMS को काम करते देखें
हर मॉड्यूल चालू करके मुफ़्त ट्रायल शुरू करें, या हमारी टीम के साथ लाइव डेमो बुक करें।
कार्ड की ज़रूरत नहीं · ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण शामिल · डेटा भारत में